जिंदगी का सफर दीदी के साथ भाग 4

अगली सुबह मैं उठा और अपना फ़ोन तकिए के नीचे से निकाल कर देखा सुबह के साढ़े आठ हो गए मैं कूद कर बिस्तर से उतरा कमरे से बाहर आया और सीधा बाथरूम में घुस गया मैं आज लेत उठा था 7 बजे उठ कर मुश्किल से साढ़े 9 तक आफिस पहुंचता था …. दीदी अपने रूम मे थी पर मेरे उठने की आहट से वो बाहर आ गयी और बोली आज इतना लेट क्यों कर दिया मैंने कितनी आवाज़ दी तुम्हे पर तुम उठे ही नही ….. मैंने अंदर से ही जवाब दिया पता नही कैसे आज आंख ही नही खुली दीदी ने कहा तू दरवाजा अंदर से बंद क्यों रखता है खुला होता तो मैं आ कर जगा देती …. मैंने कहा अब से खुला ही रखूंगा दीदी ….. कल से तुम्हारी ड्यूटी मुझे टाइम पर जगाने की फिर मैं जल्दी से 10 मिनट में नहा कर तैयार हुआ ऑयर नाश्ते के लिए मेज पर आ गया जल्दी जल्दी नाश्ता ठूंस कर दीदी को bye बोल के निकल गया आफिस के लिए मैं रास्ते मे ही था कि तभी संजीव का कॉल आ गया उसने कहा सर वो कैमरे वाला लड़का आया हुआ है मैंने उसे बुला लिया था मैंने कहा उसे रोक के रखो मैं आधे घंटे में पहुंच रहा हूँ …… फिर मैं आफिस पहुंचा साढ़े दस बज चुके थे मैं सीधा अपने केबिन में गया और तभी संजीव एक लड़के के साथ अंदर आया मैंने दोनों को बैठने के लिए बोला संजीव ने पूछा सर कल कोई प्रॉब्लम तो नही हुई मैंने कहा नही कुछ खास नही फिर मैंने संजीव से कहा तुम बाहर जाओ मैं इस से बात कर लेता हूं संजीव के जाने के बाद मैंने उस से पूछा कि घर मे दो कैमरे लगवाने हैं कितना पैसा लगेगा उसने सब कैलकुलेट कर के 14000 का खर्चा बताया मैंने फिर कहा कोई ऐसा तरीका है कि किसी को पता ना चले कि कैमरे लगे हैं उसने कहा हाँ माइक्रो कैमरे लगाने पड़ेंगे खर्च ज्यादा लगेगा मैंने कहा पैसे की बात नही है पर मैं चाहता हूं किसी को पता न चले …. उसने कहा हो जाएगा सर जैसा आप चाहते हैं …. फिर मैंने उस से कहा एक सीक्रेट है बात अपने तक ही रखना वो बोला निश्चिंत रहिए सर आप जो चाहते हैं बताइए बात आगे पास नही होगी कही भी मैंने उस से झूठ बोला मैंने कहा मेरी शादी होने वाली है पर मुझे लड़की पर थोड़ा डाउट है इसलिए मैं बाथरूम में भी कैमरा चाहता हूँ क्यों कि कल वो मेरे घर आई थी और उस के फ़ोन पर बार बार कॉल आ रही थी और वो बाथरूम में जा कर किसी से बात कर रही थी ऐसा मुझे डाउट है और मैं इसीलिए एक कैमरा वहां भी चाहता हूं उसने कहा ठीक है सर हो जाएगा फिर मैंने उस से पूछा वो ये काम कितनी देर में निपटा लेगा उसने एक घंटे में मैंने उसे अपने घर एड्रेस दिया और बोला शाम को ठीक साढ़े 6 बजे पहुंच जाना घर लॉक होगा चाभी मैं तुम्हे दे देता हूँ अंदर दो कमरे हैं एक ड्राइंग रूम और उसके आगे दो बैडरूम तुम्हे दाईं ओर वाले बैडरूम में और बाथरूम में कैमरा लगाना है …. उसने कहा ठीक है सर फिर मैंने उसे घर की चाभी दी और एक बार फिर सब अच्छे से समझा के भेज दिया ।

सारा दिन बैंक में माथापच्ची करने के बाद शाम को 5 बजे मैं आफिस से निकला पर रास्ते मे ट्रेफिक की वजह से घर पहुंचते मुझे 6:20 हो रहा था मैंने नीचे से ही दीदी को कॉल की दीदी के रिसीव करते ही मैंने कहा दीदी दो मिनट में तैयार हो जाओ कहीं चलना है दीदी ने कहा भी इतनी जल्दी क्यों कहाँ चलना है और तुम कहाँ हो मैंने कहा मैं नीचे हूँ मेरे ऊपर आते तक तुम फटाफट से तैयार हो लो …. और जब मैं सीढियां चढ़ कर ऊपर पहुंचा तो दीदी ने दरवाजा खोला उन्होंने जीन्स टी शर्ट पहनी हुई थी और कुल मिला कर सेक्सी लग रही थीं … मैं झट से अंदर आया लैपटॉप रखा 6:25 हो चुके थे मेरे पास चेंज करने का भी टाइम नही था मैंने कहा चलो दीदी …. दीदी ने फिर से पूछा कि कहां चलना मैंने कहा चलो ना खुद ही देख लेना …. दीदी मेरे साथ बाहर आई तो मुझे ध्यान आया कि मेरे पास चाभी तो है ही नही मैंने कहा दीदी घर की चाभी मैं बैंक में भूल गया हूँ तुम अपनी चाभी ले लो प्लीज उधर दीदी अंदर गईं चाभी लेने और इधर वो लड़का सीढ़ियों पर बैग लिए हुए दिखा मैं भाग कर उसके पास गया और बोला कि तुम ऊपर चले जाओ और 10 मिनट बाद आना अभी मेरी होने वाली बीवी घर आई हुई है वो सर हिलाता हुआ ऊपर चला गया और तभी दीदी चाभी ले कर बाहर आयी उन्होंने दरवाजा लॉक किया तो चाभी मैंने मांग ली उन्होंने एक पल सोच कर चाभी मुझे दी और मुस्कुरा कर मेरे पैंट के अगले हिस्से को देखने लगी …. मैंने चाभी जेब मे डाली और कहा चलो फिर हम नीचे आये …. मैंने कार निकाली दीदी को बिठाया और मेन रोड पर आ गए पर मुझे खुद नही पता था जाना कहाँ है मैं ऐसे ही सड़क पर गाड़ी चलाता हुआ इधर उधर घूम रहा था फिर मैंने एक गारमेंट्स शो रूम के सामने कार रोकी दीदी ने पूछा क्या लेना है मैंने कहा अपने और आपके लिए कुछ कपड़े लेने हैं ….. दीदी बोली अभी परसों तो शापिंग की थी हमने इतनी जल्दी फिर से मैंने कहा दीदी आप आजकल सवाल बहोत करने लगी हो दीदी गहरी सांस ले कर बोली ठीक है मुझे क्या जो मर्ज़ी कर फिर हम शॉप में दाखिल हुए और काउंटर पर जा कर मैंने अपने लिए जीन्स दिखाने को बोला सेल्स मैन ने कई सारी जीन्स निकाली और मैंने दीदी से कहा कोई एक पसन्द करने को दीदी ने एक ब्लैक जीन्स सेलेक्ट की फिर मैंने एक शर्ट भी दीदी से सेलेक्ट करवाई …. इसके बाद हम लेडीज सेक्शन में गए और मैंने दीदी के लिए दो लेगिंग और दो टी शर्ट ली इस सब खरीददारी में लगभग 1 घण्टा लग गया ….. मुझे तो बस टाइम पास करना था ताकि वो अपना काम आराम से निपटा ले फिर शॉप से सामान ले कर हम बाहर निकले और फिर मैंने कार एक बढ़िया से रेस्टोरेंट में रोकी ….. फिर हमने डिनर किया दीदी खुश थीं जिस तरह से मैं उनका ख्याल रख रहा था …. और उनके चेहरे पर खुशी नजर भी आ रही थी …. डिनर कर के हम बाहर आये और मैंने कार बढ़ाई तभी मेरी नजर सड़क के किनारे एक कुल्फी वाले पर पड़ी ….. मैंने कहा दीदी कुल्फी खाओगी क्या … दीदी बोली हां तू तो जानता है मुझे कुल्फी कितनी पसन्द है …. मैंने कहा ठीक है तुम कार में ही बैठो मैं ले कर आता हूँ …. मैं उतर कर गया और उसे दो कुल्फी देने को बोला और फ़ोन निकाल कर उस लड़के को काल लगाई और पूछा काम हो गया क्या …. उसने कहा सर काफी देर हो गयी काम खत्म किये हुए मैं तो वापस अपनी शॉप पर आ गया मैंने पूछा अब ये बात मैं अपने फ़ोन पर कैसे देख सकता हूँ अपने घर की लाइव वीडियो तो उसने कहा मैं एक app का लिंक सेंड करता हूँ उसे डाउनलोड कर लो और प्रोसेस कंप्लीट कर लो बस ….. फिर मैंने कॉल काटी कुल्फी वाले को पैसे दिए और बस एक मिनट में मेरे व्हाट्सएप्प पर मैसेज आया मैंने उसे ओपन कर के वो app डाऊनलोड किया और जैसे ही प्रोसेस कंप्लीट किया वहां cam1 और cam2 का ऑप्शन आ गया और cam पर क्लिक करते ही मेरे घर का बाथरूम साफ नजर आने लगा मेरे फ़ोन की स्क्रीन पर …… मैं मन ही मन मे इतना खुश हुआ कि जी कर रहा था नाचूँ पर अपनी खुशी को कंट्रोल कर के फ़ोन जेब मे रखा और कुल्फी ले कर दीदी के पास वापस आ गया ।

मैं दीदी को कुल्फी पकड़ा कर अपनी सीट पर आ गया और दोनों कुल्फी के मज़े लेने लगे …. दीदी जैसे जीभ निकाल कर कुल्फी चाट रही थीं मुझे लगा जब ये ऐसे ही किसी का लंड चाटेगी तो कितना मज़ा आएगा ….. ऐसे गौर से मुझे अपनी ओर देखता हुआ देख कर दीदी ने कहा क्या हुआ संजू ऐसे क्या देख रहा है ….. मैंने कहा दीदी कुछ नही बस ये देख रहा हूँ जब पहली बार आपको ससुराल में देखा था तब से अब में कितना फर्क आ गया है …. आपका वो मुरझाया हुआ उदास चेहरा याद आता है …. और फिर आज आपका ये खिला खिला मुस्कुराता हुआ चेहरा ….. मैंने अपना एक हाथ उनकी जांघ पर रखते हुए कहा …. दीदी सच मे मुझे बहोत देर हो गयी आपको उस नरक से निकालने में ….. दीदी ने कुल्फी चूसते हुए कहा संजू …. कोई नही देर हुई पर आखिर में मैं अब खुश हूं अपनी जिंदगी से … जो गलती मम्मी से हुई थी उसे सुधार कर तूने मुझ पर बहुत बड़ा अहसान किया है ….. अपने पति की मौत के बाद मेरी कुछ समझ नही आ रहा था कि अब मेरा क्या होगा कैसे जिंदगी गुजरेगी पर तेरा शुक्रिया जो तू मुझे अपने साथ यहां ले आया …… और दीदी के आंखे भर आयी ये देख कर मुझसे रहा नही गया और मैंने दीदी के गालों पर बह रहे आंसुओं को अपने हाथों से पोछते हुए कहा दीदी अब क्यों रो रही हो अब तो सब ठीक है ना …. दीदी ने कहा ये खुशी के आंसू हैं भाई …. मैंने कहा पर जो भी है तुम्हारी आँखों मे आंसू मुझे एकदम अच्छे नहीं लगते दीदी ….. तो दीदी मुस्कुरा दी …. हमारी कुल्फी खत्म हो चुकी थी मैंने कहा दीदी अब घर चलें …. दीदी ने बार मेरी आँखों मे देखा और मुस्कुरा कर बोली थैंक यू सो मच संजू ….. मैंने कार स्टार्ट की और बढ़ाते हुए कहा …. अब ये किसलिए दीदी …. दीदी बोली जो सपने मैंने देखे थे कि मेरी शादी होगी किसी शहर में रहूंगी एक प्यार करने वाला पति होगा जो मेरी हर छोटी बड़ी जरूरत का ख्याल रखेगा और मुझे खुश रखेगा ….. शादी के बाद उन सब अरमानों पर पानी फिर गया था लेकिन तुम्हारी वजह से अब मेरी वो ख्वाइशें कुछ हद तक पूरी हो पा रही हैं …… मैंने हंसते हुए कहा दीदी तुम्हारे सिवा और है ही कौन मेरा जिसका ख्याल रख सकूं मैं और हां ये आज फिर से सूखा सूखा थैंक्स दे कर ठीक नही कर रही हो आप …. दीदी हंसते हुए बोली शादी कर ले बीवी तुझे गीला गीला थैंक्स बोलेगी ….. ऐसे ही बातें करते हुए हम घर आ गए ….. मैंने कार पार्क की और कपड़ो के पैकेट ले कर बाहर आ गया और हम सीढ़ियों से चढ़ कर ऊपर आये और अपने फ्लैट के सामने पहुंचते ही दीदी ने खुद ही पास आ कर मेरी जेब मे हाथ डाल दिया और चाभी निकालने लगी ….. पर तभी मुझे लगा आज दीदी जान बूझ अपनी उंगलियां अंदर तक ले जा कर टटोल रही हैं पर आज जीन्स पहनी होने की वजह से उनकी उंगलियों के संपर्क मेरे लंड से हुआ नही ….. फिर दीदी ने चाभी निकाली और दरवाजा खोला हम अंदर आ गए ….. मैंने सामान रखा और अपने कमरे में चला गया और जल्दीसँ के चेंज कर के शॉर्ट्स और बनियान में ही अपना फ़ोन ले कर बाहर आया और सोफे पर पसर कर tv ऑन कर लिया ….. दीदी उन पैकेट्स में से अपने कपड़े निकाल कर देख रही थीं …. मैंने कहा देख क्या रही हो जाओ पहन कर चेक कर लो फिटिंग कैसी है …. दीदी सर हिलाते हुए अपने कपड़े ले कर अपने रूम में चली गईं …. और जैसे ही दरवाजा बंद हुआ मैंने झट से फ़ोन में वो app ओपन की और cam1 को क्लिक किया दीदी के कमरे का नजारा मेरे सामने था …. दीदी अपने बेड पर वो लैगिंग और टी शर्ट रखे हुए उन्हें देख रही थी फिर उन्होंने अपनी साड़ी खोल कर तह करी और उसे अलमारी में रख दिया उसके बाद दीदी ने ब्लाउज के हुक खोलने शुरू किए और फिर ब्लाउज को बाहों से निकाल कर बेड पर डाल दिया नीचे उन्होंने व्हाइट कॉटन की ब्रा पहनी हुई थी और उसमे कसी हुई उनकी 34 साइज की मस्त चूचीया बड़ी प्यारी लग रही थी ….. मुझे लग रहा था इस इंतजाम के लिए 14000 रुपये बहोत कम थे …. और दीदी को इस तरह से देख कर मेरा लंड धीरे धीरे सर उठाते हुए सख्त होने लगा था …. मेरा एक हाथ अपने लंड पर आ गया और मैं उसे मसलते हुए ध्यान से दीदी के अगले स्टेप को देखने लगा …. फिर दीदी ने अपने पेटीकोट का नाड़ा खींच दिया और वो सरक कर जमीन पर जा गिरा उफ़्फ़फ़ दीदी की चिकनी जाँघे एकदम चमक रही थीं रोशनी में और मेरा दिल तेजी से धड़क रहा था …. उन्होंने ब्लैक कलर की पैंटी पहनी हुई थी और उसमे कसे उनके गोरे मस्त चूतड़ मेरे लंड की हालत खराब कर रहे थे ….. फिर उन्होंने एक नेवी ब्लू कलर की लैगिंग उठा कर पहन ली और एक येल्लो टी शर्ट डाल ली ….. और अपना ब्लाउज पेटीकोट अलमारी में रख कर दरवाजे की ओर आयी उन्हें आते देख मैने झट से फ़ोन बंद कर के रख दिया और tv देखने लगा …. तभी दरवाजा खुला और दीदी बाहर आ गयी मैंने उन्हें देखा और स्माइल की …. दीदी आ कर मेरे बगल में ही सोफे पर बैठ गईं मैंने कहा दीदी बहोत अच्छी लग रही हो इस ड्रेस में … तो वो हंस कर बोली क्या बात है मैं आजकल हर ड्रेस में अच्छी लगने लगी हूँ तुझे ….. मैंने कहा आप अच्छी हो तो किसी भी ड्रेस में अच्छी ही लगोगी ना …. दीदी ने कोई जवाब नही दिया पर उनकी स्माइल सब कह रही थी ….

फिर हम tv देखते रहे और मैंने कहा दीदी मैं लेट जाऊं तो दीदी ने कहा रोज पूछना जरूरी है क्या …. और मैं दीदी की जांघ पर सर रख कर लेट गया पर एक प्रॉब्लम हो गयी मेरा खड़ा लंड जिसे मैंने अब तक टांगों के बीच दबा रखा था वो झटके से खड़ा हो गया और दीदी ने एक नजर मेरे शॉर्ट्स में बने हुए पर डाली और फिर tv देखने लगी …… मैंने अपना एक हाथ दीदी की जांघ पर रखा हुआ था और उनकी चिकनी मुलायम जांघ का स्पर्श बड़ा सुखद लग रहा था मुझे …. तभी दीदी ने कहा …. संजू हर बार तू बात को मज़ाक में टाल देता है पर मैं चाहती हूं अब तुम अपने बारे में कुछ सोचो …. मेरे ख्याल से तुम्हे अब शादी कर लेनी चाहिए …. मैंने कहा दीदी मुझे अभी इसकी कोई जरूरत नही लग रही और मेरा जवाब वही है आप जैसी लड़की मिलते ही शादी भी कर लूंगा …. उन्होंने एक गहरी सांस ली और कहा संजू मेरे भाई हर वक़्त मज़ाक ठीक नही है मैं सीरियस हूँ …. मैंने उनकी आंखों में देखा और मेरी हंसी निकल गयी मैं जोर जोर से हंसने लगा और हंसते हुए बोला वाह रे सीरियस …. पर आपकी शक्ल से एकदम नही लग रहा कि आप सीरियस हो …. दीदी थोड़ा सा गुस्सा हो गयी और बोली अब मुझे बात ही नही करनी तुझसे …. मैंने कान पकड़ते हुए कहा अच्छा सॉरी पर आपकी सीरियस वाली बात सुन कर मुझे हंसी आ गयी …. तो वो भी मुस्कुराने लगी और बोली तुम कभी सुधरना मत … मैंने कहा दीदी पर मैं बिगड़ा ही कहाँ हूँ …. अपने काम मे लगा रहता हूँ चुपचाप … दीदी बोली वही तो कह रही हूं मैं की कब तक ऐसे मशीन जैसे काम मे लगे रहोगे तुम्हारी भी अपनी जिंदगी है 28 के हो गए हो ये एकदम सही वक्त है शादी का …. मैंने एकदम से बिना कुछ सोचे समझे कह दिया …. दीदी मैंने नही करनी शादी वादी मुझे बस सारी जिंदगी आपके साथ रहना है और मैं आपके साथ खुश हूं ….. दीदी बड़े गौर से मुझे देखने लगी …. फिर बोली मैं तो तेरे साथ ही रहूंगी मैं कहाँ जा रही हूं पर मैं बहन हूँ तेरी और तुझे अब बीवी की जरूरत है …. मैं ये सुन कर उठ कर बैठ गया और दीदी को घूरते हुए देखने लगा …. दीदी थोड़ी परेशान हो गयी मेरे ऐसे देखने से और बोली ऐसे क्यों घूर रहा है ….. मैंने कहा आपको कैसे मालूम हो रहा है मेरी जरूरतों के बारे में …. तो कुछ नही बोली सर नीचे कर ली …. मैंने फिर से कहा बताओ ना आपको कैसे मालूम मुझे किस चीज की जरूरत है …. तो उन्होंने झटके से मेरी ओर देखा और बोली सब समझती हूं मैं बड़ी बहन हूँ तेरी ये जो तू रोज रोज जेब से चाभी निकलवाता है ना उस टाइम मुझे एहसास हो जाता है कि तुझे अब शादी करने की जरूरत है ….. मैंने कहा दीदी हो सकता है आपकी बात सही हो पर मैं अभी इस बारे में कुछ नही कह सकता क्यों कि मेरे मन मे कुछ और है ….. दीदी ने कहा क्या है तेरे मन में मुझे बता मैं तेरी मदद करूंगी जो भी तेरी पसन्द है मुझसे कह दे ….. मैंने कहा दीदी कहूंगा आपसे ही कहूंगा लेकिन अभी नही वक़्त आने पर …. दीदी ने जोर देते हुए पूछा ये वक़्त कब आएगा इतना तो बता दे …. मैंने कहा वो तो मुझे भी पता नही पर आएगा जरूर एक दिन ….. फिर मैंने कहा अब काफी रात हो गयी सोना चाहिए नही तो सुबह आफिस के लिए देर होगी ….. फिर मैं दीदी को गुड नाईट बोल कर अपने रूम में आ गया और लाइट ऑफ कर के बिस्तर पर लेट गया ….. पर मेरे कान बाहर ही लगे हुए थे 10 मिनट बाद tv ऑफ हुआ और दीदी शायद बाथरूम गयी …. मैंने झट से फ़ोन निकाला और बाथरूम वाला cam ऑन किया उफ़्फ़फ़ क्या नजारा था दीदी बाथरूम में अपनी लैगिंग नीचे सरका कर बैठी पेशाब कर रही थी ….. दीदी के मोटे चिकने नंगे चूतड़ देख कर मेरा दिल और लंड दोनों आउट ऑफ कंट्रोल हो गए मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया और उसे सहलाते हुए वो हसीन नजारा देखने लगा …. फिर दीदी उठी और अपनी लैगिंग ऊपर खींच दी और फिर दरवाजा खोल कर बाहर चली गयी ….. मैंने जल्दी से दूसरा cam ऑन किया और दीदी दरवाजा खोल कर अपने कमरे में दाखिल हुई फिर दरवाजा अंदर से बंद कर के लाइट ऑफ कर के नाईट बल्ब जलाया और बिस्तर में चली गयी और चादर ओढ़ कर लेट गयी ….. उनका फेस cam की ओर ही था वो कुछ सोच रही थी और मैं बस उनका प्यारा मासूम चेहरा देखते हुए लंड पर तेजी से हाथ चलाये जा रहा था और कुछ मिनट में ही मैं झड़ गया ….. फिर मैंने फ़ोन चार्ज पर लगाया और सो गया …….

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